वो घर में आइना रखता नहीं है
उसे मालूम है वो क्या नहीं है
उसे मालूम है वो क्या नहीं है
ख़ुदा हो जाने तक अपने सफ़र में
मुसाफ़िर आदमी रहता नहीं है
मुसाफ़िर आदमी रहता नहीं है
وہ گھر میں آئنہ رکھتا نہیں ہے
اُسے معلوم ہے وہ کیا نہیں ہے
اُسے معلوم ہے وہ کیا نہیں ہے
خودا ہو جانے تک اپنے سفر میں
مسافر آدمی رہتا نہیں ہے
© سُجیت شوقین
सर्वाधिकार सुरक्षित 🔐27/05/2018
©कवि सुजीत शौक़ीन 09811783749
مسافر آدمی رہتا نہیں ہے
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