Tuesday, September 19, 2017

गुलों ने  लूटा  मुझे  ख़ार मेरे पीछे हैं
हवा ख़िलाफ़ हैं अख़बार मेरे पीछे हैं

मैं गंगो-जमुनी रिवायत हूँ लोगो भारत की
मुझे  बचाओ क़लम-कार मेरे पीछे हैं
© सुजीत शौक़ीन
گُلوں نے لوٹا مجھے خار میرے پیچھے ہیں
ہوا  خلاف  ہیں  اخبار میرے پیچھے ہیں

میں گنگوجمنی روایت ہوں لوگو بھارت کی
مجھے  بچاؤ   قلم کار  میرے  پیچھے ہیں
© سُجیت شوقین
सर्वाधिकार सुरक्षित 🔐19/09/2017
 रचनाकार ©    कवि सुजीत शौक़ीन 

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